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Showing posts from July, 2020

संछिप्त क्षत्रिय चंद्रवंशी इतिहास

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🔱हर हर महादेव 🚩 जय जारा माँ 🚩 जय जरासंध       ( संछिप्त क्षत्रिय चंद्रवंशी इतिहास ) प्राचीनकाल में भारत विश्व का सबसे श्रेष्ठ देश था, इसेे विश्व के गुरु होने का गौरव भी प्राप्त है। विश्व के इतिहास में भारत का नाम स्वर्ण वर्ण में अंकत है। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, औद्योगिक वैज्ञानिक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में भारत अपनी सफलता के लिए प्रसिद्ध था। विश्व के सभी राष्ट्र भारत के सामने नतमस्तक रहे थे। भारत की गरिमा से प्रभावित होकर मानव को क्या कहा जा सकता है भगवान भी भारत की पावन धरती पर आने के लिए ललायित पाठ। वेद, पुराणों, ग्रथों के अध्ययन से यह स्वत: स्पष्ट हो जाता है कि समय पाकर भगवान भी भारत के पावन धरती पर अवतरित हो नरलीला 'करने का काम किया है और कालान्तर में चलकर प्रसिद्धि प्राप्त की है। भारत के निर्माण में, इसमें वास करने वाले पूरे प्राणियों का हाथ रहा है। लेकिन निर्माण के निर्माण एवं कर्म क्षेत्र के आधार पर की गयी वर्ण व्यवस्था के बाद भारत के गौरव को बढाने में क्षत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका जारी है। क्षत्रिय परिवार में दो वंशो के क्षत्रियों ने...

होत वही जो राम रची राखा"

💥🔆सुप्रभात🔆💥 *"होत वही जो राम रची राखा"* एक  बार  स्वर्ग  से  घोषणा हुई  कि  *भगवान  सेब  बॉटने आ  रहे  है*  सभी  लोग भगवान  के  प्रसाद  के  लिए तैयार  हो  कर  लाइन लगा कर  खड़े  हो  गए। *एक  छोटी  बच्ची  बहुत उत्सुक  थी*  क्योंकि  वह पहली  बार  भगवान  को देखने  जा  रही  थी। एक  बड़े  और  सुंदर  सेब  के साथ  साथ  भगवान  के दर्शन  की  कल्पना  से  ही खुश  थी। अंत  में  प्रतीक्षा  समाप्त  हुई। बहुत  लंबी  कतार  में  जब उसका  नम्बर  आया  तो *भगवान  ने  उसे  एक  बड़ा और  लाल  सेब  दिया।* लेकिन  जैसे  ही  उसने  सेब पकड़ कर  लाइन  से  बाहर निकली  उसका  *सेब  हाथ  से छूट कर  कीचड़  में  गिर गया*।  बच्ची...

◆सनातन धर्म किसे कहते हैं?

🔱 हर हर महादेव 🚩 जय माँ भवानी ◆ सनातन धर्म किसे कहते हैं? ★सनातन धर्म अपने मूल रूप हिन्दू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है। [1] वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिये 'सनातन धर्म' नाम मिलता है। 'सनातन' का अर्थ है - शाश्वत या 'हमेशा बना रहने वाला', अर्थात् जिसका न आदि है न अन्त। [2][सनातन धर्म मूलत: भारतीय धर्म है, जो किसी ज़माने में पूरे वृहत्तर भारत (भारतीय उपमहाद्वीप) तक व्याप्त रहा है। विभिन्न कारणों से हुए भारी धर्मान्तरण के बाद भी विश्व के इस क्षेत्र की बहुसंख्यक आबादी इसी धर्म में आस्था रखती है। सिन्धु नदी के पार के वासियो को ईरानवासी हिन्दू कहते, जो 'स' का उच्चारण 'ह' करते थे। उनकी देखा-देखी अरब हमलावर भी तत्कालीन भारतवासियों को हिन्दू और उनके धर्म को हिन्दू धर्म कहने लगे। भारत के अपने साहित्य में हिन्दू शब्द कोई १००० वर्ष पूर्व ही मिलता है, उसके पहले नहीं। हिन्दुत्व सनातन धर्म के रूप में सभी धर्मों का मूलाधार है क्योंकि सभी धर्म-सिद्धान्तों के सार्वभौम आध्यात्मिक सत्य के विभिन्न पहलुओं का इसमें पहले से ही समावेश कर लिया गया...

★सनातन धर्म की मुख्य मान्यता◆

🔱हर हर महादेव 🚩जय माँ भवानी ★सनातन धर्म की मुख्य मान्यता◆ ■आइये जानते है हिन्दू सनातन धर्म की 10 मुख्य और प्रमुख मान्यता। 1. वेदों में ईश्वर को निराकार बताया गया है और पुराणों में उनकी आकार रूप रंग की व्याख्या की गयी है। 2. सनातन धर्म साकार और निराकार रूप में ईश्वर के अस्तित्व पर जोर देती है। 3. आप किसी भी ईश्वर की पूजा करते हो। पूजा परब्रहम परमात्मा की ही होती है। 4. आत्मा को अमर बताया गया है वो न ही जन्म लेती है ना ही मरती है।आत्मा या तो दूसरी योनी में जाती है या मोक्ष को प्राप्त करती है। यह सब उसके किये गये कर्मो पर निर्भर करता है। 5. ईश्वर की पूजा करने के पीछे किसी तरह का डर नही , अपितु उसका धन्यवाद करना है। 6. जब जब पाप चरम पर होगा तब ईश्वर अपने अवतार धारण करेंगे। उनके लिए अवतार अधर्म का नाश करेंगे। 7. पुण्य दूसरो की सेवा में है और किसी को सताना पाप है। 8. यदि आप किसी जीवमात्र की सेवा करते है तो यह ईश्वर की सेवा के तुल्य ही है। 9. लोभ , लालच , क्रोध , सांसारिक मोह माया से उठकर जीवन जीना ही धर्म है। 10. हिन्दू उपनिषदों के अनुसार सबसे बड़ी शक्ति परब्रह्म परमेश्वर है जिसे आप शिव कहे...